यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें, कम समय में क्या तरीके अपनायें

यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें, कम समय में क्या तरीके अपनायें

स्वामी विवेकानंद ने कहा था उठो, जागो, और तब तक मत रुको जब तक तुम अपने लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर लेते। यह प्रेरक विचार आगामी यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा  दे रहे छात्रों के आत्मसात कर लेनी चाहिए । कुछ ही दिनों में दसवीं और बारहवीं की परीक्षा शुरू होनेवाली हैं ऐसे में अच्छे अंक लाना आपका पहला लक्ष्य होगा। आप तैयारी में भी जुट गए होंगे लेकिन क्या कभी आपने कभी यह सोचा है कि एक ही परीक्षा और तैयारी के बावजूद क्यों दूसरों को अधिक अंक आते हैं और आपको कम? ऐसा क्या करते हैं वे छात्र, जो परीक्षा के साथ कैरियर की दौड़ में भी आपसे आगे खड़े मिलते हैं? क्या वे कोई खास रणनीति अपनाते हैं? तो आइए, हम आज बिंदुवार बात करेंगे सफल छात्रों द्वारा अपनाये जानेवाली उन 10 बातों पर, जिसे अपना कर आप भी बेहतरीन रिजल्ट ला सकते हैं-

टाइम टेबल सही करें-

 

परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप देने की पहली सीढ़ी है- आपका स्टडी प्लान। अब तक आपको यह समझ आ ही गया होगा कि आपको किस विषय में और कितनी तैयारी की आवश्यकता है। इसी बात को ध्यान में रख कर अपने स्टडी प्लान को फाइनल करें। प्लान में ‘रीविजन’ का भी एक हिस्सा होना चाहिए, जिसे आप प्रत्येक दिन अभ्यास करेंगे। इसके बाद प्रत्येक विषयों के लिए एक टाइम टेबल सेट करें। इसके अलावा परीक्षा में ससमय सभी प्रश्नों के उत्तर हल करने का सबसे कारगर तरीका है कि पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों को समय सीमा में हल करें। इसका फायदा यह होगा कि परीक्षा में उत्तर हल करते समय आपको यह पता होगा कि किस प्रश्न पर कितना समय देना है।

लक्ष्य तय करें –

परीक्षा में कुछ ही दिन शेष रहे रहे गए हैं। ऐसे में बचे हुए हर दिन के लिए एक लक्ष्य तय करें कि इतनी पढ़ाई करनी ही है। इससे अनुमान लगा जा सकता है कि कितना कोर्स है और वह कितने वक्त में पूरा होगा। लक्ष्य को किसी कीमत पर अधूरा न छोड़ें। यह न सोचें कि कल कर लेंगे। ऐसा करने से बोझ बढ़ता जाएगा। पढ़ने के बाद लिखकर भी देखें कि आज कितनी पढ़ाई की। कई बार ऐसा लगता है कि पढ़ाई काफी कर ली, लेकिन लिखकर देखेंगे तो पता लगेगा कि ज्यादा पढ़ाई हुई ही नहीं।

लिखकर तैयारी करें-

ध्यान रखें, आपकी परीक्षा लिखित होगी, मौखिक नहीं। ऐसे में लिखकर तैयारी करें। सिर्फ रट्टा मारने से काम नहीं चलेगा। लिखकर तैयारी करने से शब्दों की गलतियां सुधरती हैं। इसके अलावा, टाइम मैनेजमेंट भी सही रहता है। मसलन कौन-से सवाल को कितना टाइम देना है, पेपर कितनी देर में हल हो सकता है आदि का अनुमान लिखने से लग जाता है।

एनसीईआरटी किताबों पर ज्यादा फोकस करें-

अलग-अलग प्रकाशन की किताबें पढ़ने के बजाय एनसीईआरटी की किताबों को बार-बार पढ़ें। उनमें दिए गए सवालों को हल करें। चैप्टर से जुड़े सवाल कहीं से भी तैयार कर सकते हैं, लेकिन पढ़ना  टेक्स्ट बुक से ही बेहतर है। प्रत्येक चैप्टर में अंदर के पेज पर बॉक्स में बने सवालों को अधिक से अधिक बार हल करें।

टफ चैप्टर की तैयारी करें-

कई बार ऐसा होता कि आप टफ चैप्टर को छोड़कर आसान चैप्टर की तैयारी पहले करते हैं। समय कम होने पर कई बार उसे छोड़ भी देते हैं। ऐसा बिल्कुल न करें। उसे तुरंत तैयार करें। पहले आप उसके पीछे दिए सवालों को देखें। उससे आपको चैप्टर में क्या है, इसका अनुमान लग सकता है। फिर चैप्टर को पढ़ें। 2-3 बार पढ़ने से चैप्टर समझ आने लगेगा।

परीक्षा के दौरान की जाने वाली आम गलतियां जिनसे जरूर बचें-
– सभी सवालों को बारिकी से देखें।
– अपने उतर प्वांट में देने की कोशिश करें
– किसी भी सवालों छोड़ने की बजाय जितना आता हो, उतना ही उत्तर लिख दें। .
– अपनी लिखावट का खास ध्यान रखें।
– पेपर एक बार चेक जरूर कर लें।

UP board exam date sheet

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